बारामती (महाराष्ट्र), 29 जनवरी ।
महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह हुए विमान हादसे में पांच लोगों की मौत ने देशभर को झकझोर दिया। लियरजेट-45 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से जान गंवाने वालों में 25 वर्षीय को-पायलट शांभवी पाठक भी शामिल थीं। हादसे से कुछ समय पहले दादी को भेजा गया उनका ‘गुड मॉर्निंग’ संदेश अब परिवार के लिए आखिरी स्मृति बन गया है।
इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की मौत हुई। प्रशासनिक और नागरिक उड्डयन अधिकारियों के अनुसार, हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
उड़ान से पहले भेजा गया आखिरी संदेश
ग्वालियर के वसंत विहार निवासी मीरा पाठक को बुधवार सुबह अपनी पोती शांभवी का ‘गुड मॉर्निंग’ संदेश मिला। परिजनों के मुताबिक, शांभवी नियमित रूप से ऐसे संदेश नहीं भेजती थीं, इसलिए यह संदेश दादी के लिए सुखद आश्चर्य था।
मीरा पाठक ने बताया कि सुबह संदेश मिलने पर उन्होंने सामान्य दिन की तरह प्रतिक्रिया दी। कुछ ही घंटों बाद जब हादसे की सूचना मिली, तब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। यह छोटा-सा संदेश अब परिवार के लिए अमूल्य याद बन गया है।
हादसे की समयरेखा और स्थान
अधिकारियों के अनुसार, लियरजेट-45 विमान ने बुधवार सुबह करीब 8:10 बजे मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरी थी। फ्लाइट रडार के आंकड़ों के मुताबिक, विमान लगभग 8:45 बजे रडार से संपर्क से बाहर हुआ और इसके तुरंत बाद बारामती हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार किसी को भी बचाया नहीं जा सका। मौके पर पहुंची राहत और बचाव टीमों को मलबे से शव निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
विमान में सवार लोग
इस दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, विमान के कप्तान सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव की मौत हुई। सभी के शवों की पहचान कर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा जिला परिषद चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती की ओर की जा रही थी। हालांकि, जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रा के उद्देश्य को हादसे के कारणों से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
शांभवी पाठक का पारिवारिक और शैक्षिक परिचय
शांभवी पाठक रिटायर्ड वायु सेना पायलट विक्रम पाठक की बेटी थीं। शुरुआती शिक्षा उन्होंने ग्वालियर के एयर फोर्स विद्या भारती स्कूल से प्राप्त की। बाद में परिवार के दिल्ली स्थानांतरण के बाद उनकी आगे की पढ़ाई वहीं हुई।
परिजनों के अनुसार, शांभवी ने न्यूजीलैंड से कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ली थी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में को-पायलट के रूप में सेवाएं दीं। एविएशन क्षेत्र में उन्हें एक प्रशिक्षित और अनुशासित पायलट के रूप में जाना जाता था।
दादी-पोती का खास रिश्ता
परिवार और पड़ोसियों के मुताबिक, शांभवी का अपनी दादी मीरा पाठक से विशेष लगाव था। जब भी वह ग्वालियर आती थीं, दादी से मिलना उनकी प्राथमिकता रहती थी। पड़ोसियों ने बताया कि शांभवी स्वभाव से विनम्र, मेधावी और अनुशासित थीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्वालियर में बिताए गए उनके शुरुआती वर्ष उनके व्यक्तित्व के निर्माण में अहम रहे। हादसे की खबर मिलते ही मोहल्ले में शोक का माहौल फैल गया।
जांच एजेंसियां सक्रिय, तकनीकी पहलुओं पर फोकस
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य जांच एजेंसियों की टीमें दुर्घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार, विमान के रखरखाव रिकॉर्ड, उड़ान से पहले की तकनीकी जांच और मौसम की परिस्थितियों की समीक्षा की जा रही है।
ब्लैक बॉक्स की बरामदगी और उसके विश्लेषण के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक धैर्य रखने की अपील की है।
शोक और सरकारी प्रतिक्रिया
हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार की ओर से शोक व्यक्त किया गया है। मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है।
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं की निष्पक्ष और तकनीकी जांच आवश्यक है, ताकि भविष्य में उड़ान सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
आगे क्या
जांच एजेंसियां हादसे के हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक रिपोर्ट आने में समय लग सकता है। अंतिम रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण से हुई।
देशभर की नजरें अब जांच के नतीजों पर टिकी हैं, ताकि इस दर्दनाक हादसे की सच्चाई सामने आ सके।
Key Points
25 वर्षीय को-पायलट शांभवी पाठक ने उड़ान से पहले दादी को ‘गुड मॉर्निंग’ संदेश भेजा था
लियरजेट 45 विमान बारामती हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ, पांच लोगों की मौत
शांभवी ने न्यूजीलैंड से पायलट ट्रेनिंग ली थी, रिटायर्ड वायु सेना अधिकारी की बेटी थीं
विमान 8:10 बजे मुंबई से उड़ा और 8:45 बजे रडार से गायब हो गया
अजित पवार जिला परिषद चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहे थे
शांभवी का दादी से बेहद करीबी रिश्ता था, जब भी ग्वालियर आतीं थीं उनसे जरूर मिलती थीं
न्यूज़ सोर्स: The Tribune, The Print, ANI (PTI)

