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दिल्ली में महिला को लगातार दो Uber राइड में उत्पीड़न, ड्राइवर वेरिफिकेशन पर सवाल

Delhi woman harassment in two Uber rides safety concerns

दिल्ली में Uber कैब के दौरान महिला सुरक्षा पर उठे सवाल

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दो अलग-अलग Uber राइड में महिला के साथ असहज और डरावना व्यवहार, सेफ्टी फीचर भी फेल

नई दिल्ली | 31 जनवरी 2026

राजधानी दिल्ली में एक महिला के साथ लगातार दो Uber राइड के दौरान उत्पीड़न की घटना सामने आई है। महिला ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए राइड-हेलिंग कंपनियों की ड्राइवर बैकग्राउंड जांच और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

महिला के मुताबिक, पहली Uber राइड के दौरान ड्राइवर ने निजी और असहज सवाल पूछने शुरू कर दिए। उसने महिला से पूछा कि वह कहां काम करती है और क्या वह अकेली रहती है। महिला द्वारा बातचीत से बचने के लिए फोन पर बात करने पर ड्राइवर ने कार का म्यूजिक तेज कर दिया।

फोन कॉल खत्म होते ही ड्राइवर ने दोबारा व्यक्तिगत सवाल पूछे, जिससे महिला को डर महसूस हुआ। राइड पूरी होने के बाद महिला ने Uber ऐप पर शिकायत दर्ज कराई।

दूसरी राइड में और बिगड़ी स्थिति

पहली शिकायत के बावजूद महिला को दूसरी Uber राइड लेनी पड़ी। हालांकि, इस बार भी अनुभव सुरक्षित नहीं रहा। महिला के अनुसार, दूसरे ड्राइवर का रवैया भी संदिग्ध और डराने वाला था।

महिला ने Uber के इन-ऐप सेफ्टी फीचर का इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण तत्काल मदद नहीं मिल पाई। जब महिला ने शिकायत की चेतावनी दी तो ड्राइवर ने कथित तौर पर कहा, “जाओ, शिकायत करो।”

Uber सेफ्टी फीचर पर सवाल

महिला का कहना है कि आपात स्थिति में Uber के सेफ्टी फीचर प्रभावी साबित नहीं हुए। पहली कॉल पर आवाज स्पष्ट नहीं थी और दूसरी बार नेटवर्क समस्या आ गई। कई घंटे बाद Uber की सपोर्ट टीम ने संपर्क किया।

इसके बाद महिला ने दिल्ली महिला आयोग में भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

Uber और अन्य राइड-हेलिंग कंपनियां ड्राइवरों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन का दावा करती हैं। कंपनी के अनुसार, ड्राइवरों की आपराधिक पृष्ठभूमि और ड्राइविंग रिकॉर्ड की जांच की जाती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में पहचान और रिकॉर्ड सिस्टम की सीमाओं के कारण जांच पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाती।

गौरतलब है कि 2014 में दिल्ली में Uber कैब से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले के बाद कंपनी पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया गया था।

पीड़िता (सोशल मीडिया पोस्ट में):

“मैंने मदद के लिए ऐप का इस्तेमाल किया, लेकिन जब जरूरत थी तब सिस्टम काम नहीं आया।”

Uber की ओर से अब तक इस विशेष मामले पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। कंपनी ने आंतरिक जांच की बात कही है।

न्यूज सोर्स: इंडिया टुडे

शिकायत: दिल्ली महिला आयोग

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