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मालिक मर चुका था… फिर भी पिटबुल चार दिन तक पहरा देता रहा, हिमाचल में क्या हुआ?

pitbull guarding owner's dead body for 4 days in snowstorm himachal

हिमाचल में मालिक की मौत के बाद चार दिनों तक पहरेदारी करता रहा पिटबुल

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रेस्क्यू टीम ने जमा बर्फ के बीच शव बरामद किया, कुत्ते की वफादारी ने भावुक किया

शिमला | 28 जनवरी

हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के बीच एक भावुक करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पिटबुल डॉग ने अपने मालिक की मृत्यु के बाद चार दिनों तक घर के अंदर जमा बर्फ और शून्य तापमान में शव की रखवाली की। प्रशासन द्वारा रेस्क्यू टीम भेजे जाने के बाद यह मामला सामने आया।

जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह पहाड़ी क्षेत्र में भीषण बर्फीला तूफान आया था, जिससे सड़कें बंद हो गईं और संचार व्यवस्था बाधित हो गई। मृतक व्यक्ति से चार दिनों तक संपर्क न हो पाने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।

रेस्क्यू टीम जब घर पहुंची तो दरवाज़ा भीतर से बंद था। खिड़की तोड़कर अंदर जाने पर टीम ने देखा कि कमरे में बर्फ जम चुकी थी और मालिक का शव ठंड से जकड़ा पड़ा था। पास ही पिटबुल डॉग बिना हिले-डुले पहरेदारी कर रहा था।

एक रेस्क्यू अधिकारी ने बताया कि कुत्ता शव के पास किसी को आने नहीं दे रहा था। बाद में उसे शांत कर अलग किया गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार मौत का कारण हाइपोथर्मिया हो सकता है।

सोशल मीडिया पर घटना की तस्वीरें और जानकारी वायरल होने के बाद लोग कुत्ते की वफादारी से भावुक हो गए। कई उपयोगकर्ताओं ने लिखा कि यह घटना फिर साबित करती है कि पालतू जानवर इंसान के सबसे सच्चे साथी होते हैं।

स्थानीय पशु विभाग ने पिटबुल को अस्थायी शेल्टर में भेज दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि कुत्ता मृतक के परिवार को ही सौंपा जाना चाहिए, क्योंकि वह वर्षों से उसी घर में पला-बढ़ा है।

हिमाचल में पिछले एक सप्ताह से लगातार हिमपात जारी है। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया और 50 से अधिक सड़कें बंद होने की सूचना दी है। बिजली लाइनों और पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ा है।

प्रशासन ने कहा है कि मौसम सुधरने तक रेस्क्यू और रिलीफ ऑपरेशन जारी रहेंगे।

रेस्क्यू टीम सदस्य: “कुत्ता पूरी रात और दिन शव के पास बैठा रहा। यह वफादारी हैरान करने वाली और भावुक करने वाली है।”

यह घटना न सिर्फ पहाड़ी मौसम की कठोरता दिखाती है बल्कि पालतू जानवरों की वफादारी और भावनाओं का दुर्लभ उदाहरण भी पेश करती है।

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