राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी माधव भारद्वाज और गुजरात कैडर की IAS अधिकारी अदिति वासने ने अलवर के मिनी सचिवालय में सादगीपूर्ण ढंग से कोर्ट मैरिज कर ली। विवाह पंजीकरण की औपचारिकताएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरी की गईं। इस अवसर पर दोनों पक्षों के परिवारजन उपस्थित रहे और कार्यक्रम को जानबूझकर सीमित रखा गया। प्रशासनिक हलकों में यह विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है।
मसूरी ट्रेनिंग के दौरान हुई थी पहली मुलाकात
दोनों अधिकारियों की मुलाकात मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। सिविल सेवा के नए अधिकारियों के लिए यह अकादमी न केवल प्रशासनिक प्रशिक्षण का केंद्र है, बल्कि विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभाशाली युवाओं के विचारों और अनुभवों का संगम भी है। इसी दौरान माधव और अदिति के बीच परिचय बढ़ा, जो समय के साथ मित्रता और फिर गंभीर रिश्ते में बदल गया।
प्रशिक्षण अवधि में एक-दूसरे की कार्यशैली, सोच और प्रशासनिक दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिला। समान लक्ष्य, सेवा भावना और पेशेवर प्रतिबद्धता ने उनके रिश्ते को मजबूती दी।
दो अलग-अलग राज्यों में तैनाती, फिर भी कायम रहा रिश्ता
माधव भारद्वाज वर्तमान में अलवर में SDM के पद पर कार्यरत हैं। वे अपने कार्यक्षेत्र में प्रशासनिक दक्षता और सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। दूसरी ओर अदिति वासने गुजरात के जामनगर में SDM के रूप में तैनात हैं और वहां विभिन्न विकासात्मक एवं राजस्व संबंधी दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।
अलग-अलग राज्यों में तैनाती के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को संतुलित और मजबूत बनाए रखा। व्यस्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन के इस महत्वपूर्ण निर्णय को आगे बढ़ाया।
पहले ही प्रयास में हासिल की थी सफलता
दोनों अधिकारियों ने सिविल सेवा परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की थी। अपने-अपने बैच में वे मेधावी और समर्पित अधिकारियों के रूप में पहचाने जाते हैं। प्रशासनिक सेवा में प्रवेश के बाद से ही दोनों ने अपनी कार्यकुशलता और अनुशासन से अलग पहचान बनाई है।
जिला कलेक्टर की मौजूदगी में संपन्न हुआ पंजीकरण
विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया अलवर की जिला कलेक्टर अर्पिता शुक्ला की उपस्थिति में पूरी की गई। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों ने विवाह प्रमाणपत्र प्राप्त किया। कार्यक्रम में किसी प्रकार का भव्य आयोजन नहीं किया गया, बल्कि सादगी और पारिवारिक वातावरण को प्राथमिकता दी गई।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
माधव भारद्वाज मूल रूप से मसूरी निवासी हैं। उनके परिवार का शिक्षा और सामाजिक मूल्यों से गहरा जुड़ाव रहा है। अदिति वासने उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली हैं। उनके परिवार ने भी शिक्षा और पेशेवर उपलब्धियों को हमेशा महत्व दिया है। दोनों परिवारों की सहमति और आशीर्वाद से यह विवाह संपन्न हुआ।
जल्द होंगे हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह संस्कार
नवविवाहित दंपति ने जानकारी दी है कि आने वाले समय में शुभ मुहूर्त के अनुसार मंदिर में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों से भी विवाह संस्कार आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम भी सीमित दायरे में आयोजित किया जाएगा, जिसमें केवल निकट संबंधी और परिवारजन शामिल होंगे।
सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा
दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों की यह सादगीपूर्ण शादी सोशल मीडिया और प्रशासनिक समुदाय में चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोगों ने इसे दिखावे से परे, परिपक्वता और प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया है।
“विवाह का मूल अर्थ दो व्यक्तियों और दो परिवारों का मिलन है, न कि भव्य आयोजन।”
— अवध प्रकाश, बरेली (सोशल मीडिया प्रतिक्रिया)
कई युवा अभ्यर्थियों और प्रशासनिक सेवा से जुड़े लोगों ने भी इस विवाह को प्रेरणादायक बताया है, जहां व्यावसायिक सफलता और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन का उदाहरण देखने को मिला।
